चाँद की कहानी



       रहता नही कभी चाँद भी हमेशा पुरा, 

तो क्यों हो हम दुखी जब रह जाए जिंदगी में कुछ अधुरा।

जिन्दगी की तो बस यही है कहानी,

कभी अमावश्या तो कभी पूर्णिमा है आनी।


अमावश्या ही ज्ञान कराता, टिम-टिम तारो का साथ दिखाता,

पूर्णिमा का चाँद है ज्ञानी वो न भूले अमावश्या की कहानी,

टिम-टिम तारो का भी मान बढाता,

खुद भी चमकता ओरो को भी चमकात। 


जिन्दगी की तो बस यही है कहानी,  

         कभी अमावश्या तो कभी पूर्णिमा है आनी।             

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